My Poetry
Sunday, March 22, 2020
mera chand
मेरे जुमले पर वो मन भर के हसते रहे,
बिन बताये जाने का शोक हम बैठ कर करते रहे,
है याद आज भी.
चाँद कह कर रहा करता तारीफ मै उसकी रात भर ,
वो इतने ना समझ किसी और को समझते रहे l l
अमित कुमार सिंह
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