
दिन की पहली मुलाकात ,
लम्बे सफर के साथ ,
मन में मचले वो बावरे सवालात,
आँखो से आँखो की बात ,
उन सब को एक झटके में भूल जाना,
आसान नहीं है,
अंधेरी रात में सड़को का सफर,
अपने हाथों से पीना ज़हर,
आवारे जुल्फो का कहर,
तुम्हारे यादो का शहर ,
उन सब से निकल कर दूर जाना,
आसान नहीं है,
अमित कुमार सिंह
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