
धीमी आँच में ही लोग जादा जलते है,
अधूरे सवाल बड़े घाव करते हैं ,
तनहाई में रख कर देखो तो उन प्रशनो को,
खामोशी में अक्क्सर शोर करते हैं l l
फटी लिबास को सब लोग बदलते हैं,
सच्चाई जान कर वो बात बदलते हैं,
कभी खुली आँख से मोहब्बत कर के देखना,
मेरी जान तुम पर हम आज भी मरते हैं l l
अमित कुमार सिंह
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