Tuesday, March 31, 2020

अधूरे सवाल

e5c08931fe6c452f3abf3630be9f7626.jpg

धीमी आँच में ही लोग जादा जलते है,
अधूरे सवाल बड़े घाव करते हैं ,
तनहाई में रख कर देखो तो उन प्रशनो को,
खामोशी में अक्क्सर शोर करते हैं l l 

फटी लिबास को सब लोग बदलते हैं,
सच्चाई जान कर वो बात बदलते हैं,
कभी खुली आँख से मोहब्बत कर के देखना,
मेरी जान तुम पर हम आज भी मरते हैं l l 

अमित कुमार सिंह 

Friday, March 27, 2020

जुल्फे

Pencil Drawing A Beautiful Girl Picture Step By Step Easy - YouTube

तुम्हारी  खूबशूरती में निखार कुछ ज्यादा आ रहा हैं
तुम्हारे गाल के तिल पर कईयो का प्यार आ रहा हैं
अपनी ज़ुल्फो को यूँ आगे करके निकलती हो
सच बताना ये मेरे लिए है या कोई नया आ रहा है
अमित कुमार सिंह 

Thursday, March 26, 2020

आप कहती हैं ll




Image result for rise sun image

उर्दू  में वो सूरज को आफ़ताब कहती है,
हवाओं  से सिमत करके हर वो बात कहती है,
झाके चाँद जो उसके आँगन उसे महताब कहती है,
अजी  वो मेरी मोहब्बत हैं मुझे आप कहती हैं ll
अमित कुमार सिंह

some thing is not possible

Image result for picture of beautiful girl drawing
दिन की पहली मुलाकात ,
लम्बे सफर के साथ ,
मन में मचले वो बावरे सवालात, 
आँखो से आँखो की बात ,
उन सब को एक झटके में भूल जाना,
आसान नहीं है,

अंधेरी रात में सड़को  का सफर,
अपने हाथों  से पीना ज़हर,
आवारे जुल्फो का कहर,
तुम्हारे यादो का शहर ,
उन सब से निकल कर दूर जाना,
आसान नहीं है,
अमित कुमार सिंह

Wednesday, March 25, 2020

Menhdi



बड़ी मशक्क़त की थी उसने ,
मुझे निर्दोष साबित करने की ,
वो भी मोहब्ब्बत का हारा  था ,
नहीं ली कोई रकम मेरे वकालत करने की ,
आरोप था मुझ पर, प्यार अधूरा करने का,
किस पैमाने से नाप कर न्यायधीश ने सज़ा सुनाई होगी l l
क्या सोचकर आज वो आज मेंहदी लगाई होगी l l

किसी और से बात करते देख आशंका की सुई घुमाई होगी ,
सहेलियों के बहकावे में आकर वो अनुमान लगाई होगी ,
मेरा मांझी किसी और नाव की तैयारी में है क्या,
शायद यही सोचकर आज वो मेंहदी लगाई होगी l l 
अमित कुमार सिंह



Sunday, March 22, 2020

mera chand




Couple on a hill sitting under the moonlight vector

मेरे  जुमले  पर वो मन भर के हसते रहे,
बिन बताये जाने का शोक हम बैठ कर करते रहे,
है याद आज भी.
चाँद कह कर रहा करता तारीफ मै उसकी रात भर ,
वो इतने ना समझ किसी और को समझते रहे l l
अमित कुमार सिंह