My Poetry
Thursday, March 26, 2020
आप कहती हैं ll
उर्दू में वो सूरज को आफ़ताब कहती है,
हवाओं से सिमत करके हर वो बात कहती है,
झाके चाँद जो उसके आँगन उसे महताब कहती है,
अजी वो मेरी मोहब्बत हैं मुझे आप कहती हैं ll
अमित कुमार सिंह
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