My Poetry
Wednesday, April 15, 2020
धरम पत्नि
किसी माईने मे मैं तुम्हारा हूँ सब जानते है
तुम्हारे जिद के आगे सब पिछड़ जाते है
तुम्हारी
खट्टी मीठी बातों ऐसे फिसले
अब तो दिन मे भी तारे नज़र आते हैं
अमित कुमार सिंह
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