My Poetry
Saturday, April 4, 2020
अंधेरे रूठ जाते है
उनका नाम लेते ही सब, पीछे छूट जाते है
अपनी मासूमियत में वो पत्थर दिल नज़र आते है,
सोचता हु की थोड़ी रोशनी डालू उनके नाम पर,
चिराग जलाते ही अंधेरे रूठ जाते है l l
अमित कुमार सिंह
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