My Poetry
Thursday, June 25, 2020
नसीबी
खुश नसीबी तो तेरी है,
मन का हुआ तो हंस दिया नहीं तो रो दिया,
कितना शक्त है मेरे आंसू का पिंजरा,
बेबसी तो मेरी देख,
मै चाह कर भी रो नहीं सकता।।
अमित कुमार सिंह
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