आओ मिलकर दिया जलाऐ ,
देश मे तिरंगा फहराये ,
देश मे फैली अराजकता को ,
अपनी वाणी से निपटाये ,
आओ मिलकर दिया जलाऐ ll
मित्रो के पर है गगन चूमते ,
लोगो के मुस्काते चेहरे ,
देख देश की विकास शीलता ,
क्षाती थोक थोक कह जाये ,
आओ मिलकर दिया जलाऐ ll
कलाम, मनोज, मांझी को देखा,
देखे उनके बढ़े कारनामें
उनकी परिश्रम कही ब्यर्थ न जाये,
एक अटूट, अजेय, अद्दुतीय भारत बनाये ll
आओ मिलकर दिया जलाऐ ll

No comments:
Post a Comment